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राम मंदिर का ताला कुशल राजनीतिज्ञ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह के जीजिविषा से खुला

राम मंदिर का ताला पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह ने ही 1 फरवरी, 1986 में खुलवाया और वह भी राजीव गांधी के विरोध के बाद भी !
इस कारण उन्हें अपना मुख्यमंत्री पद खोना पड़ा था। पूर्व मुख्यमंत्री वीरबहादुर सिंह रघुवंशी क्षत्रिय थे और गोरखपुर मठ के प्रति गहरी आस्था रखते थे। उनके घनिष्ठ सूत्रों ने बताया कि महंथ दिग्विजयनाथ जी से दीक्षित थे।
अक्सर अपनी पीड़ा को व्यक्त करते हुए कहते थे कि,”पूरे विश्व के लिए प्रभु श्रीराम भगवान होंगे लेकिन हम क्षत्रियों के लिये पूर्वज है और हम क्षत्रिय अपने पूर्वजों को भगवान से बड़ा मानते है .. दुनिया के लिये ये आस्था का विषय होगा लेकिन हमारे लिये रक़्त सम्बन्ध का विषय है।”

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